उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तनु धनु धाम राम हितकारी। सब बिधि तुम्ह प्रनतारति हारी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऔर हे शरणागतके दु:ख हरनेवाले रामजी! आप ही हमारे शरीर, धन, घर-द्वार और सभी प्रकारसे हित करनेवाले हैं। ऐसी शिक्षा आपके अतिरिक्त कोई नहीं दे सकता। माता-पिता [हितैषी हैं और शिक्षा भी देते हैं] परन्तु वे भी स्वार्थपरायण हैं [इसलिये ऐसी परम हितकारी शिक्षा नहीं देते]॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 953 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तनु धनु धाम राम हितकारी। सब बिधि तुम्ह प्रनतारति हारी।।
असि सिख तुम्ह बिनु देइ न कोऊ। मातु पिता स्वारथ रत ओऊ।।
स्रोत अभिलेख 7.47 · पुस्तक पृ. 953, 954
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तनु धनु धाम राम हितकारी। सब बिधि तुम्ह प्रनतारति हारी।।
English explanation
O Rama, you care for our bodies, wealth, and homes; in every way you remove the distress of those who seek your refuge.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तनु | शरीर | body |
| धनु | धन | wealth |
| धाम | घर | home |
| राम | हे राम | O Rama |
| हितकारी | हित करने वाले | one who promotes welfare |
| सब | हर | every |
| बिधि | प्रकार से | in manner |
| तुम्ह | आप | you |
| प्रनतारति | शरणागतों की पीड़ा | the distress of those seeking refuge |
| हारी | हरने वाले | remover |
2 असि सिख तुम्ह बिनु देइ न कोऊ। मातु पिता स्वारथ रत ओऊ।।
English explanation
No one other than you gives such instruction; even mothers and fathers are occupied with their own interests.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| असि | ऐसी | such |
| सिख | शिक्षा | instruction |
| तुम्ह | आप | you |
| बिनु | के बिना | without |
| देइ | देता है | gives |
| न | नहीं | not |
| कोऊ | कोई | anyone |
| मातु | माता | mother |
| पिता | पिता | father |
| स्वारथ | अपने हित में | in self-interest |
| रत | लगे हुए | absorbed |
| ओऊ | वे भी | even they |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.47
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 953
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका प्रजाको उपदेश (श्रीरामगीता), पुरवासियोंकी कृतज्ञता
- मुद्रित पृष्ठ
- 953, 954
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।