उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तदपि साप सठ दैहउँ तोही। नीति बिरोध सोहाइ न मोही।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतो भी हे मूर्ख! तुझको मैं शाप दूँगा; [क्योंकि] नीतिका विरोध मुझे अच्छा नहीं लगता। अरे दुष्ट! यदि मैं तुझे दण्ड न दूँ, तो मेरा वेदमार्ग ही भ्रष्ट हो जाय॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1010 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तदपि साप सठ दैहउँ तोही। नीति बिरोध सोहाइ न मोही।।
जौं नहिं दंड करौं खल तोरा। भ्रष्ट होइ श्रुतिमारग मोरा।।
स्रोत अभिलेख 7.107 · पुस्तक पृ. 1010, 1010
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तदपि साप सठ दैहउँ तोही। नीति बिरोध सोहाइ न मोही।।
English explanation
Nevertheless, fool, I shall curse you; defiance of right conduct does not please me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तदपि | फिर भी | nevertheless |
| साप | शाप | a curse |
| सठ | हे मूर्ख | O fool |
| दैहउँ | मैं दूँगा | I shall give |
| तोही | तुम्हें | to you |
| नीति | उचित आचरण की मर्यादा | the norms of right conduct |
| बिरोध | विरोध; उल्लंघन | defiance; violation |
| सोहाइ | अच्छा लगता है | is pleasing |
| न | नहीं | not |
| मोही | मुझे | to me |
2 जौं नहिं दंड करौं खल तोरा। भ्रष्ट होइ श्रुतिमारग मोरा।।
English explanation
If I do not punish you, wicked one, my Veda-prescribed path will be corrupted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| नहिं | नहीं | not |
| दंड | दंड | punishment |
| करौं | मैं करूँ; दूँ | I impose |
| खल | हे दुष्ट | O wicked one |
| तोरा | तुम्हारा; तुम्हें | your; upon you |
| भ्रष्ट | मर्यादा से च्युत; दूषित | corrupted; compromised |
| होइ | हो जाएगा | will become |
| श्रुतिमारग | वेदों द्वारा निर्दिष्ट मार्ग | the path prescribed by the Vedas |
| मोरा | मेरा | my |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.107
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1010
- सहायक विषय
- गुरुजीका अपमान एवं शिवजीके शापकी बात सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1010, 1010
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