उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौं प्रभु होइ प्रसन्न बर देहू। मो पर करहु कृपा अरु नेहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे प्रभो! यदि आप प्रसन्न होकर मुझे वर देते हैं और मुझपर कृपा और स्नेह करते हैं, तो हे स्वामी! मैं अपना मन-भाया वर माँगता हूँ। आप उदार हैं और हृदयके भीतरकी जाननेवाले हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 986 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जौं प्रभु होइ प्रसन्न बर देहू। मो पर करहु कृपा अरु नेहू।।
मन भावत बर मागउँ स्वामी। तुम्ह उदार उर अंतरजामी।।
स्रोत अभिलेख 7.84 · पुस्तक पृ. 986, 986
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जौं प्रभु होइ प्रसन्न बर देहू। मो पर करहु कृपा अरु नेहू।।
English explanation
Lord, if you are pleased to grant a boon, show me grace and affection.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| प्रभु | हे प्रभु | O Lord |
| होइ | होकर | being |
| प्रसन्न | प्रसन्न | pleased |
| बर | वरदान | a boon |
| देहू | आप देते हैं | you grant |
| मो | मुझ | me |
| पर | पर | upon |
| करहु | कीजिए | please bestow |
| कृपा | कृपा | grace |
| अरु | और | and |
| नेहू | स्नेह | affection |
2 मन भावत बर मागउँ स्वामी। तुम्ह उदार उर अंतरजामी।।
English explanation
Master, I ask for the boon dear to my heart. You are generous and know what lies within the heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मन | मन को | to my heart |
| भावत | प्रिय लगने वाला | pleasing |
| बर | वरदान | boon |
| मागउँ | मैं माँगता हूँ | I ask for |
| स्वामी | हे स्वामी | O Master |
| तुम्ह | आप | you |
| उदार | उदार हैं | are generous |
| उर | हृदय के | of the heart |
| अंतरजामी | भीतर की बात जानने वाले | the knower of what lies within |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.84
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 986
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 986, 986
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।