उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जे जैसेहिं तैसेहिं उटि धावहिं। बाल बृद्ध कहँ संग न लावहिं।।
मूल पाठ
जे जैसेहिं तैसेहिं उटि धावहिं। बाल बृद्ध कहँ संग न लावहिं।।
एक एकन्ह कहँ बूझहिं भाई। तुम्ह देखे दयाल रघुराई।।
स्रोत अभिलेख 7.3 · पुस्तक पृ. 909, 910
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो जैसे हैं (जहाँ जिस दशामें हैं) वे वैसे ही (वहींंसे उसी दशामें) उठ दौड़ते हैं। [देर हो जानेके डरसे] बालकों और बूढ़ोंको कोई साथ नहीं लाते। एक दूसरेसे पूछते हैं—भाई! तुमने दयालु श्रीरघुनाथजीको देखा है?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 910 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जे जैसेहिं तैसेहिं उटि धावहिं। बाल बृद्ध कहँ संग न लावहिं।।
English explanation
Everyone rose and ran just as they were, without bringing children or elderly people along.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो लोग | those who |
| जैसेहिं | जिस अवस्था में ही | just as they were |
| तैसेहिं | उसी अवस्था में ही | in that very state |
| उटि | उठकर | rising |
| धावहिं | दौड़ते हैं | run |
| बाल | बच्चों | children |
| बृद्ध | बूढ़ों | elderly people |
| कहँ | को | object marker |
| संग | साथ | along |
| न | नहीं | not |
| लावहिं | लाते हैं | bring |
2 एक एकन्ह कहँ बूझहिं भाई। तुम्ह देखे दयाल रघुराई।।
English explanation
People ask one another, ‘Brother, have you seen the compassionate Rama?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक व्यक्ति | one person |
| एकन्ह | दूसरों | others |
| कहँ | से | of; from |
| बूझहिं | पूछते हैं | ask |
| भाई | हे भाई | brother |
| तुम्ह | तुमने | you |
| देखे | देखा है | have seen |
| दयाल | दयालु | compassionate |
| रघुराई | रघुकुल के स्वामी राम को | Rama, lord of the Raghu dynasty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 910
- सहायक विषय
- भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 909, 910
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।