उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जानें बिनु न होइ परतीती। बिनु परतीति होइ नहिं प्रीती।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दप्रभुता जाने बिना उनपर विश्वास नहीं जमता, विश्वासके बिना प्रीति नहीं होती और प्रीति बिना भक्ति वैसे ही दृढ़ नहीं होती जैसे हे पक्षिराज! जलकी चिकनाई ठहरती नहीं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 991 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जानें बिनु न होइ परतीती। बिनु परतीति होइ नहिं प्रीती।।
प्रीति बिना नहिं भगति दिढ़ाई। जिमि खगपति जल कै चिकनाई।।
स्रोत अभिलेख 7.89 · पुस्तक पृ. 991, 991
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जानें बिनु न होइ परतीती। बिनु परतीति होइ नहिं प्रीती।।
English explanation
Without knowing, faith does not arise; without faith, love does not arise.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जानें | जाने, समझे | knowing; understanding |
| बिनु | बिना | without |
| न | नहीं | not |
| होइ | होता | arises |
| परतीती | विश्वास | faith; conviction |
| बिनु | बिना | without |
| परतीति | विश्वास के | faith |
| होइ | होता | arises |
| नहिं | नहीं | not |
| प्रीती | प्रेम | love |
2 प्रीति बिना नहिं भगति दिढ़ाई। जिमि खगपति जल कै चिकनाई।।
English explanation
O king of birds, without love devotion has no firmness, just as water has no oiliness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रीति | प्रेम | love |
| बिना | बिना | without |
| नहिं | नहीं | not |
| भगति | भक्ति में | in devotion |
| दिढ़ाई | दृढ़ता | firmness; steadfastness |
| जिमि | जैसे | just as |
| खगपति | हे पक्षिराज गरुड़ | O Garuda, king of birds |
| जल | जल | water |
| कै | की | of |
| चिकनाई | चिकनाई, तैलीयता | oiliness; grease |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.89
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 991
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 991, 991
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।