उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि। उत्तर दिसि बह सरजू पावनि।।
मूल पाठ
जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि। उत्तर दिसि बह सरजू पावनि।।
जा मज्जन ते बिनहिं प्रयासा। मम समीप नर पावहिं बासा।।
स्रोत अभिलेख 7.4 · पुस्तक पृ. 910, 911
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह सुहावनी पुरी मेरी जन्मभूमि है। इसके उत्तर दिशामें [जीवोंको] पवित्र करनेवाली सरयू नदी बहती है, जिसमें स्नान करनेसे मनुष्य बिना ही परिश्रम मेरे समीप निवास (सामीप्य मुक्ति) पा जाते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 911 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि। उत्तर दिसि बह सरजू पावनि।।
English explanation
This lovely city is my birthplace. To its north flows the sacred Sarayu.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जन्मभूमि | जन्म का स्थान | birthplace |
| मम | मेरी | my |
| पुरी | नगरी | city |
| सुहावनि | सुंदर | lovely |
| उत्तर | उत्तर | north |
| दिसि | दिशा में | in the direction of |
| बह | बहती है | flows |
| सरजू | सरयू नदी | the Sarayu River |
| पावनि | पवित्र करने वाली | purifying |
2 जा मज्जन ते बिनहिं प्रयासा। मम समीप नर पावहिं बासा।।
English explanation
By bathing in it, people obtain residence near me without effort.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जा | जिसमें, अर्थात सरयू में | in which, namely the Sarayu |
| मज्जन | स्नान | bathing |
| ते | से | by; as a result of |
| बिनहिं | बिना ही | without |
| प्रयासा | प्रयास | effort |
| मम | मेरे | me; my |
| समीप | समीप | near |
| नर | मनुष्य | people |
| पावहिं | पाते हैं | obtain |
| बासा | निवास | residence |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.4
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 911
- सहायक विषय
- भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 910, 911
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।