उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जद्यपि सब बैकुंठ बखाना। बेद पुरान बिदित जगु जाना।।
मूल पाठ
जद्यपि सब बैकुंठ बखाना। बेद पुरान बिदित जगु जाना।।
अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ। यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ।।
स्रोत अभिलेख 7.4 · पुस्तक पृ. 910, 911
भावार्थ
मूल पाठ के बादयद्यपि सबने वैकुण्ठकी बड़ाई की है—यह वेद-पुराणोंमें प्रसिद्ध है और जगत् जानता है, परन्तु अवधपुरीके समान मुझे वह भी प्रिय नहीं है। यह बात (भेद) कोई-कोई (विरले ही) जानते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 911 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जद्यपि सब बैकुंठ बखाना। बेद पुरान बिदित जगु जाना।।
English explanation
Although everyone has praised Vaikuntha—it is celebrated in the Vedas and Puranas and known to the world—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जद्यपि | यद्यपि | although |
| सब | सबने | everyone |
| बैकुंठ | वैकुंठ, भगवान विष्णु का धाम | Vaikuntha, Vishnu’s abode |
| बखाना | महिमा कही है | has praised |
| बेद | वेदों में | in the Vedas |
| पुरान | पुराणों में | in the Puranas |
| बिदित | प्रसिद्ध | well known |
| जगु | संसार | the world |
| जाना | जानता है | knows |
2 अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ। यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ।।
English explanation
Even that is not as dear to me as Ayodhya. Only a rare person knows this.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवधपुरी | अयोध्या नगरी | the city of Ayodhya |
| सम | के समान | as much as |
| प्रिय | प्रिय | dear |
| नहिं | नहीं | not |
| सोऊ | वह भी, अर्थात वैकुंठ भी | even that, namely Vaikuntha |
| यह | यह | this |
| प्रसंग | बात | matter |
| जानइ | जानता है | knows |
| कोउ | कोई | someone |
| कोऊ | विरला ही | only a rare one |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.4
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 911
- सहायक विषय
- भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 910, 911
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।