उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
इहाँ भानुकुल कमल दिवाकर। कपिन्ह देखावत नगर मनोहर।।
मूल पाठ
इहाँ भानुकुल कमल दिवाकर। कपिन्ह देखावत नगर मनोहर।।
सुनु कपीस अंगद लंकेसा। पावन पुरी रुचिर यह देसा।।
स्रोत अभिलेख 7.4 · पुस्तक पृ. 910, 911
भावार्थ
मूल पाठ के बादयहाँ (विमानपरसे) सूर्यकुलरूपी कमलके प्रफुल्लित करनेवाले सूर्य श्रीरामजी वानरोंको मनोहर नगर दिखला रहे हैं। [वे कहते हैं—] हे सुग्रीव! हे अंगद! हे लंकापति विभीषण! सुनो। यह पुरी पवित्र है और यह देश सुन्दर है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 910 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 इहाँ भानुकुल कमल दिवाकर। कपिन्ह देखावत नगर मनोहर।।
English explanation
AI draft: Here Rama, the sun to the lotus of the solar dynasty, is showing the monkeys the beautiful city.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इहाँ | यहाँ | here |
| भानुकुल | सूर्यवंशरूपी | of the solar dynasty |
| कमल | कमल | lotus |
| दिवाकर | सूर्य; यहाँ श्रीराम | sun; here, Rama |
| कपिन्ह | वानरों को | to the monkeys |
| देखावत | दिखा रहे हैं | is showing |
| नगर | नगर | city |
| मनोहर | सुंदर | beautiful |
2 सुनु कपीस अंगद लंकेसा। पावन पुरी रुचिर यह देसा।।
English explanation
Listen, monkey king Sugriva, Angada, and Vibhishana, lord of Lanka! This city is sacred and this region beautiful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| कपीस | हे वानरराज सुग्रीव | O Sugriva, king of the monkeys |
| अंगद | हे अंगद, वालि के पुत्र | O Angada, son of Vali |
| लंकेसा | हे लंकापति विभीषण | O Vibhishana, lord of Lanka |
| पावन | पवित्र | sacred |
| पुरी | नगरी | city |
| रुचिर | सुंदर | beautiful |
| यह | यह | this |
| देसा | प्रदेश | region |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.4
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 910
- सहायक विषय
- भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 910, 911
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