उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जनकसुता समेत रघुराई। पेखि प्रहरषे मुनि समुदाई।।
मूल पाठ
जनकसुता समेत रघुराई। पेखि प्रहरषे मुनि समुदाई।।
बेद मंत्र तब द्विजन्ह उचारे। नभ सुर मुनि जय जयति पुकारे।।
स्रोत अभिलेख 7.12 · पुस्तक पृ. 919, 919
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीजानकीजीके सहित श्रीरघुनाथजीको देखकर मुनियोंका समुदाय अत्यन्त ही हर्षित हुआ। तब ब्राह्मणोंने वेदमन्त्रोंका उच्चारण किया। आकाशमें देवता और मुनि 'जय हो, जय हो ऐसी पुकार करने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 919 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जनकसुता समेत रघुराई। पेखि प्रहरषे मुनि समुदाई।।
English explanation
Seeing Rama, lord of the Raghu lineage, together with Janaka's daughter Sita, the assembled sages were overjoyed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनकसुता | जनक की पुत्री सीता | Sita, daughter of Janaka |
| समेत | के साथ | together with |
| रघुराई | रघुवंश के स्वामी राम | Rama, lord of the Raghu lineage |
| पेखि | देखकर | having seen |
| प्रहरषे | अत्यंत प्रसन्न हुए | were overjoyed |
| मुनि | मुनियों का | of sages |
| समुदाई | समुदाय | assembly |
2 बेद मंत्र तब द्विजन्ह उचारे। नभ सुर मुनि जय जयति पुकारे।।
English explanation
Then the Brahmins recited Vedic mantras. In the sky, gods and sages called out acclamations of victory.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेद | वेद के | Vedic |
| मंत्र | मंत्र | sacred verses |
| तब | तब | then |
| द्विजन्ह | ब्राह्मणों ने | the Brahmins |
| उचारे | उच्चारण किए | recited |
| नभ | आकाश में | in the sky |
| सुर | देवताओं ने | the gods |
| मुनि | मुनियों ने | the sages |
| जय | जय हो | victory! |
| जयति | जय हो | hail! |
| पुकारे | पुकारा | called out |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 919
- सहायक विषय
- राम-राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 919, 919
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।