उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जदपि कीन्ह एहिं दारुन पापा। मैं पुनि दीन्ह कोप करि सापा।।
मूल पाठ
जदपि कीन्ह एहिं दारुन पापा। मैं पुनि दीन्ह कोप करि सापा।।
तदपि तुम्हार साधुता देखी। करिहउँ एहि पर कृपा बिसेषी।।
स्रोत अभिलेख 7.109 · पुस्तक पृ. 1013, 1014
भावार्थ
मूल पाठ के बादयद्यपि इसने भयानक पाप किया है और मैंने भी इसे क्रोध करके शाप दिया है, तो भी तुम्हारी साधुता देखकर मैं इसपर विशेष कृपा करूँगा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1013 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जदपि कीन्ह एहिं दारुन पापा। मैं पुनि दीन्ह कोप करि सापा।।
English explanation
Although he committed a dreadful sin, and I in turn cursed him in anger—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जदपि | यद्यपि | although |
| कीन्ह | किया | committed |
| एहिं | इसने | by him |
| दारुन | भयानक | dreadful |
| पापा | पाप | sin |
| मैं | मैंने | I |
| पुनि | फिर / प्रत्युत्तर में | in turn |
| दीन्ह | दिया | gave |
| कोप | क्रोध | anger |
| करि | करके | having acted in |
| सापा | शाप | a curse |
2 तदपि तुम्हार साधुता देखी। करिहउँ एहि पर कृपा बिसेषी।।
English explanation
Yet, seeing your goodness, I shall show him special mercy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तदपि | फिर भी | nevertheless |
| तुम्हार | तुम्हारी | your |
| साधुता | सज्जनता | saintly goodness |
| देखी | देखकर | having seen |
| करिहउँ | मैं करूँगा | I shall bestow |
| एहि | इस | this person |
| पर | पर | upon |
| कृपा | कृपा | mercy |
| बिसेषी | विशेष | special |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.109
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1013
- सहायक विषय
- गुरुजीका शिवजीसे अपराध-क्षमापन, शापानुग्रह और काकभुशुण्डिकी आगेकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 1013, 1014
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।