उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
छन महिं सबहि मिले भगवाना। उमा मरम यह काहुँ न जाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दभगवान् क्षणमात्रमें सबसे मिल लिये। हे उमा! यह रहस्य किसीने नहीं जाना। इस प्रकार शील और गुणोंके धाम श्रीरामजी सबको सुखी करके आगे बढ़े॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 913 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
छन महिं सबहि मिले भगवाना। उमा मरम यह काहुँ न जाना।।
एहि बिधि सबहि सुखी करि रामा। आगें चले सील गुन धामा।।
स्रोत अभिलेख 7.6 · पुस्तक पृ. 913, 913
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 छन महिं सबहि मिले भगवाना। उमा मरम यह काहुँ न जाना।।
English explanation
Lord Rama met everyone within a moment. O Uma, no one understood this mystery.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छन | एक क्षण | a moment |
| महिं | में | within |
| सबहि | सभी से | everyone |
| मिले | मिले | met |
| भगवाना | भगवान राम | Lord Rama |
| उमा | हे उमा, पार्वती | O Uma, Parvati |
| मरम | रहस्य | mystery |
| यह | यह | this |
| काहुँ | किसी ने | anyone |
| न | नहीं | not |
| जाना | जाना | understood |
2 एहि बिधि सबहि सुखी करि रामा। आगें चले सील गुन धामा।।
English explanation
Having thus made everyone happy, Rama, the abode of noble conduct and virtues, proceeded onward.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | way |
| सबहि | सभी को | everyone |
| सुखी | सुखी | happy |
| करि | करके | having made |
| रामा | राम | Rama |
| आगें | आगे | onward |
| चले | चले | proceeded |
| सील | सुशील आचरण | noble conduct |
| गुन | गुणों के | of virtues |
| धामा | धाम | the abode |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 913
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 913, 913
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