उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अमित रूप प्रगटे तेहि काला। जथाजोग मिले सबहि कृपाला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउसी समय कृपालु श्रीरामजी असंख्य रूपोंमें प्रकट हो गये और सबसे [एक ही साथ] यथायोग्य मिले। श्रीरघुवीरने कृपाकी दृष्टिसे देखकर सब नर-नारियोंको शोकसे रहित कर दिया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 913 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अमित रूप प्रगटे तेहि काला। जथाजोग मिले सबहि कृपाला।।
कृपादृष्टि रघुबीर बिलोकी। किए सकल नर नारि बिसोकी।।
स्रोत अभिलेख 7.6 · पुस्तक पृ. 913, 913
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अमित रूप प्रगटे तेहि काला। जथाजोग मिले सबहि कृपाला।।
English explanation
At that moment, countless forms appeared, and compassionate Rama met everyone in a manner suited to each.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अमित | अनगिनत | countless |
| रूप | रूप | forms |
| प्रगटे | प्रकट हुए | appeared |
| तेहि | उस | that |
| काला | समय में | at the time |
| जथाजोग | प्रत्येक के अनुरूप | as appropriate to each |
| मिले | मिले | met |
| सबहि | सभी से | everyone |
| कृपाला | कृपालु राम | compassionate Rama |
2 कृपादृष्टि रघुबीर बिलोकी। किए सकल नर नारि बिसोकी।।
English explanation
Rama, the hero of Raghu’s lineage, looked upon them with compassion and freed all men and women from sorrow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कृपादृष्टि | कृपाभरी दृष्टि से | with a compassionate gaze |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम ने | Rama, hero of Raghu’s lineage |
| बिलोकी | देखकर | having looked upon them |
| किए | कर दिया | made |
| सकल | सभी | all |
| नर | पुरुषों को | men |
| नारि | स्त्रियों को | women |
| बिसोकी | शोकमुक्त | free from sorrow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.6
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 913
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 913, 913
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।