उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चरम देह द्विज कै मैं पाई। सुर दुर्लभ पुरान श्रुति गाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमैंने अन्तिम शरीर ब्राह्मणका पाया, जिसे पुराण और वेद देवताओंको भी दुर्लभ बताते हैं। मैं वहाँ (ब्राह्मण-शरीरमें) भी बालकोंमें मिलकर खेलता तो श्रीरघुनाथजीकी ही सब लीलाएँ किया करता॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1015 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
चरम देह द्विज कै मैं पाई। सुर दुर्लभ पुरान श्रुति गाई।।
खेलउँ तहूँ बालकन्ह मीला। करउँ सकल रघुनायक लीला।।
स्रोत अभिलेख 7.11 · पुस्तक पृ. 1014, 1016
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 चरम देह द्विज कै मैं पाई। सुर दुर्लभ पुरान श्रुति गाई।।
English explanation
In my last birth I obtained a Brahmin body, which the Puranas and Vedas declare rare even for the gods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चरम | अंतिम जन्म का | of the last birth |
| देह | शरीर | body |
| द्विज | ब्राह्मण | a Brahmin |
| कै | का | of |
| मैं | मैंने | I |
| पाई | प्राप्त किया | obtained |
| सुर | देवताओं के लिए | for the gods |
| दुर्लभ | दुर्लभ | hard to obtain |
| पुरान | पुराणों ने | the Puranas |
| श्रुति | वेदों ने | the Vedas |
| गाई | जिसकी महिमा गाई | praised and proclaimed |
2 खेलउँ तहूँ बालकन्ह मीला। करउँ सकल रघुनायक लीला।।
English explanation
In that birth too, I played with other children, acting out all the pastimes of Rama, lord of the Raghu line.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| खेलउँ | मैं खेलता था | I would play |
| तहूँ | वहाँ भी; उस जन्म में भी | there too, in that birth |
| बालकन्ह | बच्चों के साथ | with children |
| मीला | मिलकर | joining them |
| करउँ | मैं करता था | I would enact |
| सकल | सभी | all |
| रघुनायक | रघुवंश के नायक राम की | of Rama, lord of the Raghu line |
| लीला | लीलाएँ | divine pastimes |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1015
- सहायक विषय
- गुरुजीका शिवजीसे अपराध-क्षमापन, शापानुग्रह और काकभुशुण्डिकी आगेकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 1014, 1016
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।