उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ग्यान बिराग जोग बिग्याना। ए सब पुरुष सुनहु हरिजाना।।
मूल पाठ
ग्यान बिराग जोग बिग्याना। ए सब पुरुष सुनहु हरिजाना।।
पुरुष प्रताप प्रबल सब भाँती। अबला अबल सहज जड़ जाती।।
स्रोत अभिलेख 7.115 · पुस्तक पृ. 1023, 1024
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे हरिवाहन! सुनिये; ज्ञान, वैराग्य, योग, विज्ञान—ये सब पुरुष हैं; पुरुषका प्रताप सब प्रकारसे प्रबल होता है। अबला (माया) स्वाभाविक ही निर्बल और जाति (जन्म) से ही जड़ (मूर्ख) होती है॥ ८॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1024 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 ग्यान बिराग जोग बिग्याना। ए सब पुरुष सुनहु हरिजाना।।
English explanation
Listen, devotee of Hari: knowledge, dispassion, yoga, and realized knowledge are all represented as male.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ग्यान | ज्ञान | spiritual knowledge |
| बिराग | वैराग्य | dispassion |
| जोग | योग | yogic discipline |
| बिग्याना | अनुभूत ज्ञान | realized knowledge |
| ए | ये | these |
| सब | सब | all |
| पुरुष | पुरुष रूप वाले | male in personification |
| सुनहु | सुनो | listen |
| हरिजाना | हे हरि के भक्त | O devotee of Hari |
2 पुरुष प्रताप प्रबल सब भाँती। अबला अबल सहज जड़ जाती।।
English explanation
Male power is described as strong in every way; woman is characterized as naturally weak and uncomprehending.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुरुष | पुरुष का | of the male |
| प्रताप | प्रताप | power |
| प्रबल | प्रबल | strong |
| सब | सब | every |
| भाँती | प्रकार से | in respect |
| अबला | स्त्री | woman |
| अबल | निर्बल | weak |
| सहज | स्वभाव से | by nature |
| जड़ | जड़ बुद्धि वाली | uncomprehending |
| जाती | जाति या वर्ग | class or kind |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.115
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1024
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिजीका लोमशजीके पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1023, 1024
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।