उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ग्यान बिबेक बिरति बिग्याना। मुनि दुर्लभ गुन जे जग नाना।।
मूल पाठ
ग्यान बिबेक बिरति बिग्याना। मुनि दुर्लभ गुन जे जग नाना।।
आजु देउँ सब संसय नाहीं। मागु जो तोहि भाव मन माहीं।।
स्रोत अभिलेख 7.84 · पुस्तक पृ. 986, 986
भावार्थ
मूल पाठ के बादज्ञान, विवेक, वैराग्य, विज्ञान (तत्त्वज्ञान) और वे अनेकों गुण जो जगत्में मुनियोंके लिये भी दुर्लभ हैं, ये सब मैं आज तुझे दूँगा, इसमें सन्देह नहीं। जो तेरे मन भावे, सो माँग ले॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 986 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 ग्यान बिबेक बिरति बिग्याना। मुनि दुर्लभ गुन जे जग नाना।।
English explanation
Knowledge, discernment, detachment, realized knowledge, and the many virtues in the world that are rare even for sages. (This explanation is an AI draft.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ग्यान | ज्ञान | knowledge |
| बिबेक | सत्य-असत्य का विवेक | discernment of truth from falsehood |
| बिरति | वैराग्य | detachment |
| बिग्याना | अनुभव से प्राप्त तत्त्वज्ञान | realized knowledge of reality |
| मुनि | मुनियों को भी | even for sages |
| दुर्लभ | दुर्लभ | hard to attain |
| गुन | गुण | virtues |
| जे | जो | which |
| जग | संसार में | in the world |
| नाना | अनेक प्रकार के | of many kinds |
2 आजु देउँ सब संसय नाहीं। मागु जो तोहि भाव मन माहीं।।
English explanation
Today I will give all these, without doubt. Ask for whatever pleases your heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आजु | आज | today |
| देउँ | मैं दूँगा | I will give |
| सब | ये सब | all these |
| संसय | संदेह | doubt |
| नाहीं | नहीं है | there is none |
| मागु | माँगो | ask |
| जो | जो कुछ | whatever |
| तोहि | तुम्हें | to you |
| भाव | अच्छा लगे | is pleasing |
| मन | मन | the heart |
| माहीं | में | within |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.84
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 986
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 986, 986
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।