उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गुन कृत सन्यपात नहिं केही। कोउ न मान मद तजेउ निबेही।।
मूल पाठ
गुन कृत सन्यपात नहिं केही। कोउ न मान मद तजेउ निबेही।।
जोबन ज्वर केहि नहिं बलकावा। ममता केहि कर जस न नसावा।।
स्रोत अभिलेख 7.71 · पुस्तक पृ. 974, 974
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[रज, तम आदि] गुणोंका किया हुआ सन्निपात किसे नहीं हुआ? ऐसा कोई नहीं है जिसे मान और मदने अछूता छोड़ा हो। यौवनके ज्वरने किसे आपेसे बाहर नहीं किया? ममताने किसके यशका नाश नहीं किया?॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 974 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 गुन कृत सन्यपात नहिं केही। कोउ न मान मद तजेउ निबेही।।
English explanation
AI-draft meaning: Who has not suffered the delirium caused by the three qualities of nature? Pride and arrogance have spared no one completely.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुन | प्रकृति के तीन गुण | the three qualities of nature |
| कृत | से उत्पन्न | caused by |
| सन्यपात | सन्निपात-जैसा विकार | delirium-like disorder |
| नहिं | नहीं | not |
| केही | किसे | to whom |
| कोउ | किसी को | anyone |
| न | नहीं | not |
| मान | अभिमान | pride |
| मद | अहंकार का नशा | intoxication of arrogance |
| तजेउ | छोड़ा | spared |
| निबेही | पूरी तरह | completely |
2 जोबन ज्वर केहि नहिं बलकावा। ममता केहि कर जस न नसावा।।
English explanation
Whom has the fever of youth not agitated? Whose good name has possessive attachment not destroyed?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जोबन | यौवन | youth |
| ज्वर | बुखार | fever |
| केहि | किसे | whom |
| नहिं | नहीं | not |
| बलकावा | व्याकुल किया | agitated |
| ममता | मेरापन और आसक्ति | possessive attachment |
| केहि | किस | whose |
| कर | का | of |
| जस | यश | good name |
| न | नहीं | not |
| नसावा | नष्ट किया | destroyed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.71
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 974
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 974, 974
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।