उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गुंजत मधुकर मुखर मनोहर। मारुत त्रिबिध सदा बह सुंदर।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दभौंरे मनोहर स्वरसे गुंजार करते हैं। सदा तीनों प्रकारकी सुन्दर वायु बहती रहती है। बालकोंने बहुत-से पक्षी पाल रखे हैं, जो मधुर बोली बोलते हैं और उडऩेमें सुन्दर लगते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 937 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गुंजत मधुकर मुखर मनोहर। मारुत त्रिबिध सदा बह सुंदर।।
नाना खग बालकन्हि जिआए। बोलत मधुर उड़ात सुहाए।।
स्रोत अभिलेख 7.28 · पुस्तक पृ. 937, 937
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गुंजत मधुकर मुखर मनोहर। मारुत त्रिबिध सदा बह सुंदर।।
English explanation
Charming bees hum resonantly, and a pleasant breeze—cool, gentle, and fragrant—always blows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुंजत | गुंजार करते हैं | hum |
| मधुकर | भौंरे | bees |
| मुखर | गुंजार से मुखर | resonantly humming |
| मनोहर | मन को हरने वाले | charming |
| मारुत | वायु | breeze |
| त्रिबिध | तीन गुणों वाली | having three qualities |
| सदा | सदा | always |
| बह | बहती है | blows |
| सुंदर | सुहावनी | pleasant |
2 नाना खग बालकन्हि जिआए। बोलत मधुर उड़ात सुहाए।।
English explanation
Children have raised birds of many kinds; they call sweetly and look lovely in flight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाना | तरह-तरह के | of many kinds |
| खग | पक्षी | birds |
| बालकन्हि | बालकों ने | the children |
| जिआए | पाले; पोषित किए | raised and nurtured |
| बोलत | बोलते हैं | call |
| मधुर | मधुर स्वर में | sweetly |
| उड़ात | उड़ते हुए | flying |
| सुहाए | सुहावने लगते हैं | look lovely |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 937
- सहायक विषय
- पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजीकी रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 937, 937
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