उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गिरि सुमेर उत्तर दिसि दूरी। नील सैल एक सुन्दर भूरी।।
मूल पाठ
गिरि सुमेर उत्तर दिसि दूरी। नील सैल एक सुन्दर भूरी।।
तासु कनकमय सिखर सुहाए। चारि चारु मोरे मन भाए।।
स्रोत अभिलेख 7.56 · पुस्तक पृ. 961, 962
भावार्थ
मूल पाठ के बादसुमेरु पर्वतकी उत्तर दिशामें, और भी दूर, एक बहुत ही सुन्दर नील पर्वत है। उसके सुन्दर स्वर्णमय शिखर हैं, [उनमेंसे] चार सुन्दर शिखर मेरे मनको बहुत ही अच्छे लगे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 961 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गिरि सुमेर उत्तर दिसि दूरी। नील सैल एक सुन्दर भूरी।।
English explanation
Far to the north of Mount Sumeru lies an exceedingly beautiful blue mountain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गिरि | पर्वत | Mount |
| सुमेर | सुमेरु | Sumeru, the cosmic mountain |
| उत्तर | उत्तर | northern |
| दिसि | दिशा में | in the direction |
| दूरी | दूर | far away |
| नील | नीला | blue |
| सैल | पर्वत | mountain |
| एक | एक | a |
| सुन्दर | सुंदर | beautiful |
| भूरी | अत्यंत | exceedingly |
2 तासु कनकमय सिखर सुहाए। चारि चारु मोरे मन भाए।।
English explanation
Its four lovely, gold-made peaks delighted my heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उसके | its |
| कनकमय | सोने के बने | made of gold |
| सिखर | शिखर | peaks |
| सुहाए | सुशोभित; मनोहर | splendid; charming |
| चारि | चार | four |
| चारु | सुंदर | lovely |
| मोरे | मेरे | my |
| मन | मन को | heart |
| भाए | अच्छे लगे | pleased |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.56
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 961
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 961, 962
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