उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कृपासिंधु जब मंदिर गए। पुर नर नारि सुखी सब भए।।
मूल पाठ
कृपासिंधु जब मंदिर गए। पुर नर नारि सुखी सब भए।।
गुर बसिष्ट द्विज लिए बुलाई। आजु सुघरी सुदिन समुदाई।।
स्रोत अभिलेख 7.1 · पुस्तक पृ. 917, 917
भावार्थ
मूल पाठ के बादकृपाके समुद्र श्रीरामजी जब अपने महलको गये, तब नगरके स्त्री-पुरुष सब सुखी हुए। गुरु वसिष्ठजीने ब्राह्मणोंको बुला लिया [और कहा—] आज शुभ घड़ी, सुन्दर दिन आदि सभी शुभ योग हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 917 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कृपासिंधु जब मंदिर गए। पुर नर नारि सुखी सब भए।।
English explanation
When Rama, the ocean of compassion, went to his residence, all the men and women of the city became happy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कृपासिंधु | कृपा के सागर राम | Rama, the ocean of compassion |
| जब | जब | when |
| मंदिर | भवन | residence |
| गए | गए | went |
| पुर | नगर के | of the city |
| नर | पुरुष | men |
| नारि | स्त्रियाँ | women |
| सुखी | सुखी | happy |
| सब | सभी | all |
| भए | हो गए | became |
2 गुर बसिष्ट द्विज लिए बुलाई। आजु सुघरी सुदिन समुदाई।।
English explanation
Guru Vashishtha summoned the Brahmins and said, “Today brings together an auspicious hour and an auspicious day.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुर | गुरु | preceptor |
| बसिष्ट | वसिष्ठ, राजगुरु | Vashishtha, the royal preceptor |
| द्विज | ब्राह्मणों को | the Brahmins |
| लिए | ले लिया | had them brought |
| बुलाई | बुलाकर | by calling |
| आजु | आज | today |
| सुघरी | शुभ घड़ी | auspicious hour |
| सुदिन | शुभ दिन | auspicious day |
| समुदाई | समूह या संयोग | conjunction |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 917
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 917, 917
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