उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कीन्ह राम मोहि बिगत बिमोहा। सेवक सुखद कृपा संदोहा।।
मूल पाठ
कीन्ह राम मोहि बिगत बिमोहा। सेवक सुखद कृपा संदोहा।।
प्रभुता प्रथम बिचारि बिचारी। मन महँ होइ हरष अति भारी।।
स्रोत अभिलेख 7.83 · पुस्तक पृ. 985, 986
भावार्थ
मूल पाठ के बादसेवकोंको सुख देनेवाले, कृपाके समूह (कृपामय) श्रीरामजीने मुझे मोहसे सर्वथा रहित कर दिया। उनकी पहलेवाली प्रभुताको विचार-विचारकर (याद कर-करके) मेरे मनमें बड़ा भारी हर्ष हुआ॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 985 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कीन्ह राम मोहि बिगत बिमोहा। सेवक सुखद कृपा संदोहा।।
English explanation
Rama, who brings joy to his servants and is an abundance of grace, freed me from bewilderment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कीन्ह | कर दिया | made; rendered |
| राम | प्रभु राम ने | Rama, the Lord |
| मोहि | मुझे | me |
| बिगत | रहित; मुक्त | free from |
| बिमोहा | गहरे मोह से | bewilderment; delusion |
| सेवक | सेवकों को | to his servants |
| सुखद | सुख देने वाले | giving joy |
| कृपा | कृपा की | of grace |
| संदोहा | राशि; भंडार | abundance; treasury |
2 प्रभुता प्रथम बिचारि बिचारी। मन महँ होइ हरष अति भारी।।
English explanation
First, reflecting repeatedly on the Lord’s sovereign power, immense joy arises in my mind.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभुता | प्रभु की सामर्थ्य और महिमा | the Lord’s sovereign power |
| प्रथम | पहले | first |
| बिचारि | विचार करके | reflecting |
| बिचारी | बार-बार विचार करके | reflecting again |
| मन | मन | mind |
| महँ | में | in |
| होइ | होता है; उत्पन्न होता है | arises |
| हरष | आनंद | joy |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| भारी | महान; प्रबल | great; intense |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.83
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 985
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 985, 986
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