उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
काल कर्म गुन दोष सुभाऊ। कछु दुख तुम्हहि न ब्यापिहि काऊ।।
मूल पाठ
काल कर्म गुन दोष सुभाऊ। कछु दुख तुम्हहि न ब्यापिहि काऊ।।
राम रहस्य ललित बिधि नाना। गुप्त प्रगट इतिहास पुराना।।
स्रोत अभिलेख 7.114 · पुस्तक पृ. 1021, 1022
भावार्थ
मूल पाठ के बादकाल, कर्म, गुण, दोष और स्वभावसे उत्पन्न कुछ भी दु:ख तुमको कभी नहीं व्यापेगा। अनेकों प्रकारके सुन्दर श्रीरामजीके रहस्य (गुप्त मर्मके चरित्र और गुण), जो इतिहास और पुराणोंमें गुप्त और प्रकट हैं (वॢणत और लक्षित हैं)॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1021 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 काल कर्म गुन दोष सुभाऊ। कछु दुख तुम्हहि न ब्यापिहि काऊ।।
English explanation
No suffering arising from time, karma, qualities, faults, or inherent nature will ever afflict you. (This is an AI-generated interpretive draft.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काल | काल का प्रभाव | the influence of time |
| कर्म | कर्म और उनका फल | actions and their consequences |
| गुन | प्रकृति के गुण | qualities of nature |
| दोष | दोष | faults |
| सुभाऊ | स्वभाव | inherent nature |
| कछु | कोई भी | any |
| दुख | दुःख | suffering |
| तुम्हहि | तुम्हें | you |
| न | नहीं | not |
| ब्यापिहि | व्यापेगा; प्रभावित करेगा | will afflict |
| काऊ | कभी भी | ever |
2 राम रहस्य ललित बिधि नाना। गुप्त प्रगट इतिहास पुराना।।
English explanation
The mysteries of Rama, his many kinds of lovely deeds, and the hidden and manifest accounts of old—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम के | of Lord Rama |
| रहस्य | गूढ़ रहस्य | deep mysteries |
| ललित | सुंदर; मनोहर | lovely; charming |
| बिधि | प्रकार; रीति | kinds; ways |
| नाना | अनेक | many |
| गुप्त | छिपे हुए | hidden |
| प्रगट | प्रकट | manifest |
| इतिहास | वृत्तांत | accounts |
| पुराना | प्राचीन | ancient |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.114
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1021
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिजीका लोमशजीके पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1021, 1022
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।