उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कारन कवन देह यह पाई। तात सकल मोहि कहहु बुझाई।।
मूल पाठ
कारन कवन देह यह पाई। तात सकल मोहि कहहु बुझाई।।
राम चरित सर सुंदर स्वामी। पायहु कहाँ कहहु नभगामी।।
स्रोत अभिलेख 7.94 · पुस्तक पृ. 996, 996
भावार्थ
मूल पाठ के बादआपने यह काकशरीर किस कारणसे पाया? हे तात! सब समझाकर मुझसे कहिये। हे स्वामी! हे आकाशगामी! यह सुन्दर रामचरितमानस आपने कहाँ पाया, सो कहिये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 996 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कारन कवन देह यह पाई। तात सकल मोहि कहहु बुझाई।।
English explanation
For what reason did you obtain this body? Dear one, explain everything to me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कारन | कारण | reason |
| कवन | कौन-सा, किस | what; which |
| देह | शरीर | body |
| यह | यह | this |
| पाई | प्राप्त की | obtained |
| तात | हे प्रिय जन | dear one |
| सकल | सब कुछ | everything |
| मोहि | मुझे | to me |
| कहहु | कहो | tell |
| बुझाई | समझाकर | with explanation |
2 राम चरित सर सुंदर स्वामी। पायहु कहाँ कहहु नभगामी।।
English explanation
O master, O traveler of the skies, tell me where you found the beautiful lake of Rama’s deeds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | भगवान राम | Lord Rama |
| चरित | चरित, जीवन और कर्मों का वर्णन | account of life and deeds |
| सर | सरोवर | lake |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| स्वामी | हे स्वामी | O master |
| पायहु | तुमने पाया | you found |
| कहाँ | कहाँ | where |
| कहहु | बताओ | tell me |
| नभगामी | हे आकाश में विचरण करने वाले | O traveler of the skies |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.94
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 996
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 996, 996
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।