उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहहिं बचन मृदु बिप्र अनेका। जग अभिराम राम अभिषेका।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवे सब अनेकों ब्राह्मण कोमल वचन कहने लगे कि श्रीरामजीका राज्याभिषेक सम्पूर्ण जगत्को आनन्द देनेवाला है। हे मुनिश्रेष्ठ! अब विलम्ब न कीजिये और महाराजका तिलक शीघ्र कीजिये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 917 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कहहिं बचन मृदु बिप्र अनेका। जग अभिराम राम अभिषेका।।
अब मुनिबर बिलंब नहिं कीजे। महाराज कहँ तिलक करीजै।।
स्रोत अभिलेख 7.1 · पुस्तक पृ. 917, 917
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कहहिं बचन मृदु बिप्र अनेका। जग अभिराम राम अभिषेका।।
English explanation
Many Brahmins speak gently: “Rama’s coronation brings delight to the whole world.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहिं | कहते हैं | say |
| बचन | वचन | words |
| मृदु | कोमल | gentle |
| बिप्र | ब्राह्मण | Brahmins |
| अनेका | अनेक | many |
| जग | जगत को | to the world |
| अभिराम | आनंद देने वाला | delightful |
| राम | राम का | Rama’s |
| अभिषेका | राज्याभिषेक | coronation |
2 अब मुनिबर बिलंब नहिं कीजे। महाराज कहँ तिलक करीजै।।
English explanation
“O eminent sage, delay no longer; perform the royal consecration of King Rama.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| मुनिबर | हे श्रेष्ठ मुनि | O eminent sage |
| बिलंब | देरी | delay |
| नहिं | नहीं | not |
| कीजे | कीजिए | please make |
| महाराज | महाराज राम | King Rama |
| कहँ | को | for |
| तिलक | राजतिलक | royal consecration |
| करीजै | कीजिए | please perform |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 917
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 917, 917
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