उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहइ भसुंड सुनहु खगनायक। रामचरित सेवक सुखदायक।।
मूल पाठ
कहइ भसुंड सुनहु खगनायक। रामचरित सेवक सुखदायक।।
नृपमंदिर सुंदर सब भाँती। खचित कनक मनि नाना जाती।।
स्रोत अभिलेख 7.76 · पुस्तक पृ. 979, 979
भावार्थ
मूल पाठ के बादभुशुण्डिजी कहने लगे—हे पक्षिराज! सुनिये, श्रीरामजीका चरित्र सेवकोंको सुख देनेवाला है। [अयोध्याका] राजमहल सब प्रकारसे सुन्दर है। सोनेके महलमें नाना प्रकारके रत्न जड़े हुए हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 979 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कहइ भसुंड सुनहु खगनायक। रामचरित सेवक सुखदायक।।
English explanation
Bhusunda says: Listen, O leader of birds! Rama’s deeds bring joy to his devotees.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहइ | कहते हैं | says |
| भसुंड | काकभुशुंडि, कथा कहने वाले पक्षी-भक्त | Kakabhushundi, the bird-devotee narrating the story |
| सुनहु | सुनिए | listen |
| खगनायक | हे पक्षियों के नायक गरुड़ | O Garuda, leader of birds |
| रामचरित | राम का चरित | Rama’s deeds and story |
| सेवक | सेवकों को | to devotees |
| सुखदायक | सुख देने वाला | bringing joy |
2 नृपमंदिर सुंदर सब भाँती। खचित कनक मनि नाना जाती।।
English explanation
The royal palace is beautiful in every way, adorned with gold and gems of many kinds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नृपमंदिर | राजमहल | royal palace |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| सब | सभी | every |
| भाँती | प्रकार से | in ways |
| खचित | जड़ा हुआ | inlaid; studded |
| कनक | सोना | gold |
| मनि | रत्न | gems |
| नाना | अनेक | many |
| जाती | प्रकार के | of kinds |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.76
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 979
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 979, 979
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