उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कलिजुग जोग न जग्य न ग्याना। एक अधार राम गुन गाना।।
मूल पाठ
कलिजुग जोग न जग्य न ग्याना। एक अधार राम गुन गाना।।
सब भरोस तजि जो भज रामहि। प्रेम समेत गाव गुन ग्रामहि।।
स्रोत अभिलेख 7.103 · पुस्तक पृ. 1005, 1006
भावार्थ
मूल पाठ के बादकलियुगमें न तो योग और यज्ञ है और न ज्ञान ही है। श्रीरामजीका गुणगान ही एकमात्र आधार है। अतएव सारे भरोसे त्यागकर जो श्रीरामजीको भजता है और प्रेमसहित उनके गुणसमूहोंको गाता है,॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1005 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कलिजुग जोग न जग्य न ग्याना। एक अधार राम गुन गाना।।
English explanation
In the age of Kali, neither yoga, sacrifice, nor spiritual knowledge is the means; the sole support is singing Rama’s virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कलिजुग | कलियुग में | in the age of Kali |
| जोग | योग-साधना | yogic practice |
| न | नहीं | not |
| जग्य | यज्ञ | ritual sacrifice |
| न | नहीं | nor |
| ग्याना | आध्यात्मिक ज्ञान | spiritual knowledge |
| एक | एकमात्र | sole |
| अधार | आधार | support |
| राम | भगवान राम के | of Lord Rama |
| गुन | गुणों का | of the virtues |
| गाना | गान | singing |
2 सब भरोस तजि जो भज रामहि। प्रेम समेत गाव गुन ग्रामहि।।
English explanation
Whoever abandons all other supports, worships Rama, and lovingly sings his many virtues—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सभी | all |
| भरोस | अन्य भरोसे | other supports relied upon |
| तजि | छोड़कर | having abandoned |
| जो | जो व्यक्ति | whoever |
| भज | भजन करता है | worships |
| रामहि | भगवान राम को | Lord Rama |
| प्रेम | प्रेम | love |
| समेत | सहित | with |
| गाव | गाता है | sings |
| गुन | गुणों के | of virtues |
| ग्रामहि | समूह को | the multitude |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.103
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1005
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिका अपनी पूर्वजन्मकथा और कलिमहिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1005, 1006
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।