उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कथा समस्त भुसुंड बखानी। जो मैं तुम्ह सन कही भवानी।।
मूल पाठ
कथा समस्त भुसुंड बखानी। जो मैं तुम्ह सन कही भवानी।।
सुनि सब राम कथा खगनाहा। कहत बचन मन परम उछाहा।।
स्रोत अभिलेख 7.68 · पुस्तक पृ. 971, 972
भावार्थ
मूल पाठ के बादभुशुण्डिजीने वह सब कथा कही जो हे भवानी! मैंने तुमसे कही। सारी रामकथा सुनकर पक्षिराज गरुडज़ी मनमें बहुत उत्साहित (आनन्दित) होकर वचन कहने लगे—॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 972 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कथा समस्त भुसुंड बखानी। जो मैं तुम्ह सन कही भवानी।।
English explanation
O Bhavani, Bhushundi narrated the entire story that I have told you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कथा | कथा | story; narrative |
| समस्त | पूरी | entire |
| भुसुंड | काकभुशुंडि ने | Kakabhushundi, the crow-sage |
| बखानी | वर्णन करके सुनाई | narrated |
| जो | जिसे | which |
| मैं | मैंने; यहाँ शिव ने | I; here, Shiva |
| तुम्ह | तुमसे; यहाँ पार्वती से | you; here, Parvati |
| सन | से | to; with |
| कही | कही; सुनाई | told |
| भवानी | हे भवानी, देवी पार्वती | O Bhavani, goddess Parvati |
2 सुनि सब राम कथा खगनाहा। कहत बचन मन परम उछाहा।।
English explanation
Having heard the whole story of Rama, Garuda, lord of birds, began to speak with great joy in his heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सब | सारी | all; the whole |
| राम | श्रीराम की | Rama’s; of Rama |
| कथा | कथा | story |
| खगनाहा | पक्षियों के स्वामी गरुड़ | Garuda, lord of birds |
| कहत | कहते हैं; कहने लगे | speaks; began to say |
| बचन | वचन; बातें | words |
| मन | मन में | in his heart |
| परम | अत्यंत | great; utmost |
| उछाहा | उत्साह; हर्ष | enthusiasm; joy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.68
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 972
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 971, 972
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