उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कथा सकल मैं तुम्हहि सुनाई। काग देह जेहिं कारन पाई।।
मूल पाठ
कथा सकल मैं तुम्हहि सुनाई। काग देह जेहिं कारन पाई।।
कहिउँ तात सब प्रस्न तुम्हारी। राम भगति महिमा अति भारी।।
स्रोत अभिलेख 7.114 · पुस्तक पृ. 1021, 1022
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिस कारणसे मैंने कौएकी देह पायी, वह सारी कथा आपको सुना दी। हे तात! मैंने आपके सब प्रश्रोंके उत्तर कहे। अहा! रामभक्तिकी बड़ी भारी महिमा है॥ ८॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1022 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कथा सकल मैं तुम्हहि सुनाई। काग देह जेहिं कारन पाई।।
English explanation
I have told you the entire story of how I came to obtain a crow’s body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कथा | कथा | story |
| सकल | पूरी | entire |
| मैं | मैंने | I |
| तुम्हहि | तुम्हें | to you |
| सुनाई | सुनाई | recounted |
| काग | कौए की | a crow’s |
| देह | देह | body |
| जेहिं | जिस | for which |
| कारन | कारण से | reason |
| पाई | प्राप्त की | obtained |
2 कहिउँ तात सब प्रस्न तुम्हारी। राम भगति महिमा अति भारी।।
English explanation
Dear one, I have answered all your questions. The greatness of devotion to Rama is immense.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहिउँ | मैंने कह दिया | I have explained |
| तात | हे प्रिय | dear one |
| सब | सभी | all |
| प्रस्न | प्रश्नों के उत्तर | answers to the questions |
| तुम्हारी | तुम्हारे | your |
| राम | राम की | to Rama |
| भगति | भक्ति की | of devotion |
| महिमा | महिमा | greatness |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| भारी | महान | great |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.114
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1022
- सहायक विषय
- काकभुशुण्डिजीका लोमशजीके पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 1021, 1022
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।