उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
उमा रमा ब्रह्मादि बंदिता। जगदंबा संततमनिंदिता।।
मूल पाठ
उमा रमा ब्रह्मादि बंदिता। जगदंबा संततमनिंदिता।।
स्रोत अभिलेख 7.24 · पुस्तक पृ. 933, 934
भावार्थ
मूल पाठ के बाद(शिवजी कहते हैं—) हे उमा! जगज्जननी रमा (सीताजी) ब्रह्मा आदि देवताओंसे वन्दित और सदा अनिन्दित (सर्वगुणसम्पन्न) हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 934 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 उमा रमा ब्रह्मादि बंदिता। जगदंबा संततमनिंदिता।।
English explanation
O Uma, Sita is Rama, the goddess Lakshmi, revered by Brahma and others, the Mother of the world, and ever blameless.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उमा | हे उमा, पार्वती | O Uma, goddess Parvati |
| रमा | रमा; लक्ष्मीस्वरूपा सीता | Rama, Lakshmi, here identified with Sita |
| ब्रह्मादि | ब्रह्मा और अन्य देवताओं द्वारा | by Brahma and other gods |
| बंदिता | वंदित | revered |
| जगदंबा | जगत की माता | Mother of the world |
| संततमनिंदिता | सदा अनिंदित; दोषरहित | ever blameless; beyond reproach |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 934
- सहायक विषय
- रामराज्यका वर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 933, 934
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।