उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अहंकार अति दुखद डमरुआ। दंभ कपट मद मान नेहरुआ।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअहंकार अत्यन्त दु:ख देनेवाला डमरू (गाँठका) रोग है। दम्भ, कपट, मद और मान नहरुआ (नसोंका) रोग है। तृष्णा बड़ा भारी उदरवृद्धि (जलोदर) रोग है। तीन प्रकार (पुत्र, धन और मान) की प्रबल इच्छाएँ प्रबल तिजारी हैं॥ १८॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 1035 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अहंकार अति दुखद डमरुआ। दंभ कपट मद मान नेहरुआ।।
तृस्ना उदरबृद्धि अति भारी। त्रिबिध ईषना तरुन तिजारी।।
स्रोत अभिलेख 7.121 · पुस्तक पृ. 1032, 1035
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अहंकार अति दुखद डमरुआ। दंभ कपट मद मान नेहरुआ।।
English explanation
Egoism is a very painful nodular disease; pretence, deceit, intoxicated pride, and conceit are chronic festering sores.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अहंकार | अहंकार | egoism |
| अति | अत्यंत | very |
| दुखद | दुःखदायी | painful |
| डमरुआ | गाँठ या सूजन का रोग | nodular swelling disease |
| दंभ | दिखावटी धर्माचार | pretence |
| कपट | छल | deceit |
| मद | अभिमान का नशा | intoxicated pride |
| मान | अपनी बड़ाई का भाव | conceit |
| नेहरुआ | नासूर-जैसा रोग | chronic festering sore |
2 तृस्ना उदरबृद्धि अति भारी। त्रिबिध ईषना तरुन तिजारी।।
English explanation
Craving is a severe enlargement of the abdomen; the three kinds of worldly longing are an acute recurring fever.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तृस्ना | तृष्णा, अतृप्त चाह | insatiable craving |
| उदरबृद्धि | पेट का बढ़ना | abdominal enlargement |
| अति | अत्यंत | very |
| भारी | गंभीर | severe |
| त्रिबिध | तीन प्रकार की | threefold |
| ईषना | सांसारिक आकांक्षाएँ | worldly longings |
| तरुन | तीव्र, नया चढ़ा | acute |
| तिजारी | तीसरे दिन लौटनेवाला ज्वर | tertian recurring fever |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.121
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 1035
- सहायक विषय
- गरुड़जीके सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डिके उत्तर
- मुद्रित पृष्ठ
- 1032, 1035
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।