उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
असरन सरन बिरदु संभारी। मोहि जनि तजहु भगत हितकारी।।
मूल पाठ
असरन सरन बिरदु संभारी। मोहि जनि तजहु भगत हितकारी।।
मोरें तुम्ह प्रभु गुर पितु माता। जाउँ कहाँ तजि पद जलजाता।।
स्रोत अभिलेख 7.18 · पुस्तक पृ. 927, 928
भावार्थ
मूल पाठ के बादअत: हे भक्तोंके हितकारी! अपना अशरण-शरण विरद (बाना) याद करके मुझे त्यागिये नहीं। मेरे तो स्वामी, गुरु, पिता और माता, सब कुछ आप ही हैं। आपके चरणकमलोंको छोड़कर मैं कहाँ जाऊँ?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 928 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 असरन सरन बिरदु संभारी। मोहि जनि तजहु भगत हितकारी।।
English explanation
O benefactor of devotees, remember your pledge to shelter the shelterless, and do not abandon me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| असरन | निराश्रितों की | of the shelterless |
| सरन | शरण | refuge |
| बिरदु | प्रसिद्ध प्रतिज्ञा या स्वभाव | renowned pledge or character |
| संभारी | स्मरण करके | remembering |
| मोहि | मुझे | me |
| जनि | मत | do not |
| तजहु | त्यागिए | abandon |
| भगत | भक्तों का | of devotees |
| हितकारी | हित करने वाले | O benefactor |
2 मोरें तुम्ह प्रभु गुर पितु माता। जाउँ कहाँ तजि पद जलजाता।।
English explanation
You are my lord, teacher, father, and mother. Where could I go, leaving your lotus-like feet?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोरें | मेरे लिए; मेरे | for me; my |
| तुम्ह | आप | you |
| प्रभु | स्वामी | lord |
| गुर | गुरु | teacher |
| पितु | पिता | father |
| माता | माता | mother |
| जाउँ | मैं जाऊँ | could I go |
| कहाँ | कहाँ | where |
| तजि | छोड़कर | leaving |
| पद | चरण | feet |
| जलजाता | कमल जैसे | lotus-like |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 928
- सहायक विषय
- वानरोंकी और निषादकी विदाई
- मुद्रित पृष्ठ
- 927, 928
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।