उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अनुजन्ह संजुत भोजन करहीं। देखि सकल जननीं सुख भरहीं।।
मूल पाठ
अनुजन्ह संजुत भोजन करहीं। देखि सकल जननीं सुख भरहीं।।
भरत सत्रुहन दोनउ भाई। सहित पवनसुत उपबन जाई।।
स्रोत अभिलेख 7.26 · पुस्तक पृ. 935, 935
भावार्थ
मूल पाठ के बादवे भाइयोंको साथ लेकर भोजन करते हैं। उन्हें देखकर सभी माताएँ आनन्दसे भर जाती हैं। भरतजी और शत्रुघ्रजी दोनों भाई हनुमान्जीसहित उपवनोंमें जाकर,॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 935 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अनुजन्ह संजुत भोजन करहीं। देखि सकल जननीं सुख भरहीं।।
English explanation
Rama eats with his younger brothers; seeing them, all the mothers are filled with joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अनुजन्ह | छोटे भाइयों के | his younger brothers |
| संजुत | साथ | together with |
| भोजन | भोजन | a meal |
| करहीं | करते हैं | takes |
| देखि | देखकर | seeing them |
| सकल | सभी | all |
| जननीं | माताएँ | the mothers |
| सुख | सुख से | with joy |
| भरहीं | भर जाती हैं | are filled |
2 भरत सत्रुहन दोनउ भाई। सहित पवनसुत उपबन जाई।।
English explanation
The two brothers, Bharata and Shatrughna, go to the garden with Hanuman and sit there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरत | राम के भाई भरत | Bharata, Rama’s brother |
| सत्रुहन | राम के भाई शत्रुघ्न | Shatrughna, Rama’s brother |
| दोनउ | दोनों | both |
| भाई | भाई | brothers |
| सहित | साथ | together with |
| पवनसुत | पवनपुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind god |
| उपबन | उपवन में | to the garden |
| जाई | जाकर | having gone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 935
- सहायक विषय
- पुत्रोत्पत्ति, अयोध्याजीकी रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 935, 935
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।