उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अति आदर खगपति कर कीन्हा। स्वागत पूछि सुआसन दीन्हा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउन्होंने पक्षिराज गरुडज़ीका बहुत ही आदर-सत्कार किया और स्वागत (कुशल) पूछकर बैठनेके लिये सुन्दर आसन दिया। फिर प्रेमसहित पूजा करके काकभुशुण्डिजी मधुर वचन बोले—॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 967 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अति आदर खगपति कर कीन्हा। स्वागत पूछि सुआसन दीन्हा।।
करि पूजा समेत अनुरागा। मधुर बचन तब बोलेउ कागा।।
स्रोत अभिलेख 7.63 · पुस्तक पृ. 967, 967
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अति आदर खगपति कर कीन्हा। स्वागत पूछि सुआसन दीन्हा।।
English explanation
Kakabhushundi showed great respect to Garuda, lord of birds, welcomed him with inquiries after his well-being, and offered him a fine seat.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | बहुत | great; much |
| आदर | आदर; सम्मान | respect; honor |
| खगपति | पक्षियों के स्वामी गरुड़ | Garuda, lord of birds |
| कर | का | of; toward |
| कीन्हा | किया | showed; performed |
| स्वागत | स्वागत; आगमन की कुशल | welcome; well-being on arrival |
| पूछि | पूछकर | having inquired |
| सुआसन | अच्छा आसन | a fine seat |
| दीन्हा | दिया | gave; offered |
2 करि पूजा समेत अनुरागा। मधुर बचन तब बोलेउ कागा।।
English explanation
After honoring him with affection, Kakabhushundi then spoke sweet words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| पूजा | पूजन; सम्मानपूर्वक सत्कार | reverential honoring |
| समेत | सहित | with |
| अनुरागा | प्रेम; स्नेह | love; affection |
| मधुर | मधुर; प्रिय | sweet; gracious |
| बचन | वचन | words |
| तब | तब | then |
| बोलेउ | बोले | spoke |
| कागा | कौआ, अर्थात काकभुशुंडि | the crow, Kakabhushundi |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.63
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 967
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 967, 967
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।