उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अगुन अदभ्र गिरा गोतीता। सबदरसी अनवद्य अजीता।।
मूल पाठ
अगुन अदभ्र गिरा गोतीता। सबदरसी अनवद्य अजीता।।
निर्मम निराकार निरमोहा। नित्य निरंजन सुख संदोहा।।
स्रोत अभिलेख 7.72 · पुस्तक पृ. 975, 975
भावार्थ
मूल पाठ के बादवे निर्गुण (मायाके गुणोंसे रहित), महान्, वाणी और इन्द्रियोंसे परे, सब कुछ देखनेवाले, निर्दोष, अजेय, ममतारहित, निराकार (मायिक आकारसे रहित), मोहरहित, नित्य, मायारहित, सुखकी राशि,॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 975 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अगुन अदभ्र गिरा गोतीता। सबदरसी अनवद्य अजीता।।
English explanation
He is beyond nature’s qualities, boundless, beyond speech and the senses, all-seeing, faultless, and unconquerable.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अगुन | प्रकृति के गुणों से परे | beyond nature’s qualities |
| अदभ्र | असीम; अपरिमित | boundless; immeasurable |
| गिरा | वाणी | speech |
| गोतीता | इंद्रियों से परे | beyond the senses |
| सबदरसी | सबको देखने वाले | all-seeing |
| अनवद्य | दोषरहित; निंदनीयता से रहित | faultless; blameless |
| अजीता | जिन्हें जीता न जा सके | unconquerable |
2 निर्मम निराकार निरमोहा। नित्य निरंजन सुख संदोहा।।
English explanation
He is free from possessiveness, formless, free from delusion, eternal, unstained, and the fullness of happiness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निर्मम | ‘मेरा’ भाव से रहित | free from possessiveness |
| निराकार | आकाररहित | formless |
| निरमोहा | मोह से मुक्त | free from delusion |
| नित्य | सदा विद्यमान | eternal |
| निरंजन | निर्मल; कलुषरहित | pure; unstained |
| सुख | आनंद; सुख | happiness; bliss |
| संदोहा | राशि; प्रचुर भंडार | abundance; fullness |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.72
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 975
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 975, 975
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।