उत्तरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अखिल बिस्व यह मोर उपाया। सब पर मोहि बराबरि दाया।।
मूल पाठ
अखिल बिस्व यह मोर उपाया। सब पर मोहि बराबरि दाया।।
तिन्ह महँ जो परिहरि मद माया। भजै मोहि मन बच अरू काया।।
स्रोत अभिलेख 7.87 · पुस्तक पृ. 989, 989
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[उनसे भरा हुआ] यह सम्पूर्ण विश्व मेरा ही पैदा किया हुआ है। अत: सबपर मेरी बराबर दया है। परन्तु इनमेंसे जो मद और माया छोड़कर मन, वचन और शरीरसे मुझको भजता है,॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 989 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अखिल बिस्व यह मोर उपाया। सब पर मोहि बराबरि दाया।।
English explanation
This entire universe is my creation; my compassion toward all is equal.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अखिल | संपूर्ण | entire |
| बिस्व | विश्व | universe |
| यह | यह | this |
| मोर | मेरा | my |
| उपाया | रचा हुआ | creation; brought into being |
| सब | सभी | all |
| पर | के प्रति | toward |
| मोहि | मुझे; मेरी | I have |
| बराबरि | समान | equal |
| दाया | दया | compassion |
2 तिन्ह महँ जो परिहरि मद माया। भजै मोहि मन बच अरू काया।।
English explanation
Among them, whoever abandons pride and illusion and worships me with mind, speech, and body—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिन्ह | उनके | them |
| महँ | बीच; में | among |
| जो | जो | whoever |
| परिहरि | त्यागकर | having abandoned |
| मद | अहंकार | pride |
| माया | माया; मोह | illusion; delusive attachment |
| भजै | भजन करता है | worships |
| मोहि | मुझे | me |
| मन | मन से | with mind |
| बच | वचन से | with speech |
| अरू | और | and |
| काया | शरीर से | with body |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- उत्तरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 7.87
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 989
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद, गरुड़-मोह, गरुड़जीका काकभुशुण्डिसे रामकथा और राम-महिमा सुनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 989, 989
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