सुन्दरकाण्ड · दोहा 51 · दोहा/सोरठा
सकल चरित तिन्ह देखे धरें कपट कपि देह।
सकल चरित तिन्ह देखे धरें कपट कपि देह।
प्रभु गुन हृदयँ सराहहिं सरनागत पर नेह।।51।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 5.51 · पुस्तक पृ. 760, 760
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सकल चरित तिन्ह देखे धरें कपट कपि देह।
कपट से वानर-रूप धारण किए हुए उन दूतों ने सारा घटनाक्रम देखा।
English explanation
Disguised in monkey form, those messengers observed all that took place.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | सारा | all |
| चरित | घटनाक्रम; आचरण | events; conduct |
| तिन्ह | उन दूतों ने | those messengers |
| देखे | देखे | observed |
| धरें | धारण किए हुए | having assumed |
| कपट | कपट से; छद्म रूप में | deceptively; in disguise |
| कपि | वानर का | monkey |
| देह | शरीर; रूप | body; form |
2 प्रभु गुन हृदयँ सराहहिं सरनागत पर नेह।।51।।
वे हृदय में प्रभु के गुणों की, विशेषकर शरण में आए व्यक्ति के प्रति उनके प्रेम की, सराहना करते हैं।
English explanation
In their hearts they praise the Lord’s virtues, especially his affection toward one who seeks refuge.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम के | Lord Rama’s |
| गुन | गुण | virtues |
| हृदयँ | हृदय में | in their hearts |
| सराहहिं | सराहते हैं | praise; appreciate |
| सरनागत | शरण में आए व्यक्ति | one who seeks refuge |
| पर | के प्रति | toward |
| नेह | प्रेम; स्नेह | love; affection |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 51
- स्रोत अभिलेख
- 5.51
- सहायक विषय
- समुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुकका आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 760, 760
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