सुन्दरकाण्ड · दोहा 50 · दोहा/सोरठा
प्रभु तुम्हार कुलगुर जलधि कहिहि उपाय बिचारि।
प्रभु तुम्हार कुलगुर जलधि कहिहि उपाय बिचारि।
बिनु प्रयास सागर तरिहि सकल भालु कपि धारि।।50।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 5.5 · पुस्तक पृ. 759, 760
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1प्रभु तुम्हार कुलगुर जलधि कहिहि उपाय बिचारि।
हे प्रभु, समुद्र आपके कुलगुरु हैं; वे विचार करके उपाय बताएँगे।
English explanation
Lord, the ocean is your family's preceptor; after considering the matter, he will tell you a means.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | हे प्रभु | O Lord |
| तुम्हार | आपके | your |
| कुलगुर | कुल के गुरु | family preceptor |
| जलधि | समुद्र | the ocean |
| कहिहि | बताएँगे | will tell |
| उपाय | उपाय | a means |
| बिचारि | विचार करके | after considering |
2 बिनु प्रयास सागर तरिहि सकल भालु कपि धारि।।50।।
सभी भालुओं और वानरों का दल बिना कठिन प्रयास के समुद्र पार कर जाएगा।
English explanation
The entire host of bears and monkeys will cross the ocean without strenuous effort.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिनु | बिना | without |
| प्रयास | प्रयास; परिश्रम | effort |
| सागर | समुद्र को | the ocean |
| तरिहि | पार कर जाएगा | will cross |
| सकल | समस्त | entire |
| भालु | भालुओं का | of bears |
| कपि | वानरों का | of monkeys |
| धारि | दल; समूह | host; troop |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 50
- स्रोत अभिलेख
- 5.5
- सहायक विषय
- समुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुकका आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 759, 760
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।