सुन्दरकाण्ड · दोहा 7 · दोहा/सोरठा
अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर।
अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर।
कीन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर।।7।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 5.7 · पुस्तक पृ. 720, 721
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर।
हे मित्र, सुनो: मैं ऐसा अधम हूँ, फिर भी मुझ पर रघुवीर ने…
English explanation
Listen, friend: lowly as I am, even to me Rama…
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | such |
| मैं | मैं | I |
| अधम | अत्यंत हीन | lowly |
| सखा | हे मित्र | O friend |
| सुनु | सुनो | listen |
| मोहू | मुझ पर भी | even me |
| पर | पर | upon |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम | Rama, hero of Raghu’s lineage |
2 कीन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर।।7।।
…कृपा की। प्रभु के गुणों का स्मरण करते ही हनुमान की आँखें आँसुओं से भर गईं।
English explanation
…showed grace. Remembering the Lord’s virtues, Hanuman’s eyes filled with tears.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कीन्ही | की | bestowed |
| कृपा | कृपा | grace |
| सुमिरि | स्मरण करके | remembering |
| गुन | प्रभु के गुण | the Lord’s virtues |
| भरे | भर गए | filled |
| बिलोचन | नेत्र | eyes |
| नीर | आँसुओं से | with tears |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 7
- स्रोत अभिलेख
- 5.7
- सहायक विषय
- हनुमान्-विभीषण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 720, 721
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।