सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनहु मातु मोहि अतिसय भूखा। लागि देखि सुंदर फल रूखा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे माता! सुनो, सुन्दर फलवाले वृक्षोंको देखकर मुझे बड़ी ही भूख लग आयी है। [सीताजीने कहा—] हे बेटा! सुनो, बड़े भारी योद्धा राक्षस इस वनकी रखवाली करते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 730 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सुनहु मातु मोहि अतिसय भूखा। लागि देखि सुंदर फल रूखा।।
सुनु सुत करहिं बिपिन रखवारी। परम सुभट रजनीचर भारी।।
स्रोत अभिलेख 5.17 · पुस्तक पृ. 730, 730
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनहु मातु मोहि अतिसय भूखा। लागि देखि सुंदर फल रूखा।।
English explanation
“Mother, listen: seeing the lovely fruit on the trees has made me very hungry.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनहु | सुनिए | please listen |
| मातु | हे माता | O mother |
| मोहि | मुझे | to me |
| अतिसय | बहुत अधिक | very great |
| भूखा | भूख | hunger |
| लागि | लगी है | has arisen |
| देखि | देखकर | on seeing |
| सुंदर | सुंदर | lovely |
| फल | फल | fruit |
| रूखा | पेड़ों के | of the trees |
2 सुनु सुत करहिं बिपिन रखवारी। परम सुभट रजनीचर भारी।।
English explanation
“Listen, son: exceptionally valiant and formidable demons guard this grove.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| सुत | हे पुत्र | O son |
| करहिं | करते हैं | perform |
| बिपिन | वन की | of the grove |
| रखवारी | रखवाली | guard duty |
| परम | अत्यंत | exceptionally |
| सुभट | वीर योद्धा | valiant warriors |
| रजनीचर | राक्षस | demons |
| भारी | प्रबल | formidable |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 730
- सहायक विषय
- हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 730, 730
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।