सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बार बार नाएसि पद सीसा। बोला बचन जोरि कर कीसा।।
मूल पाठ
बार बार नाएसि पद सीसा। बोला बचन जोरि कर कीसा।।
अब कृतकृत्य भयउँ मैं माता। आसिष तव अमोघ बिख्याता।।
स्रोत अभिलेख 5.17 · पुस्तक पृ. 730, 730
भावार्थ
मूल पाठ के बादहनुमान्जीने बार-बार सीताजीके चरणोंमें सिर नवाया और फिर हाथ जोड़कर कहा—हे माता! अब मैं कृतार्थ हो गया। आपका आशीर्वाद अमोघ (अचूक) है, यह बात प्रसिद्ध है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 730 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बार बार नाएसि पद सीसा। बोला बचन जोरि कर कीसा।।
English explanation
Hanuman repeatedly bowed his head at Sita’s feet and spoke with his hands joined.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बार | बार | time |
| बार | बार | after time |
| नाएसि | उसने झुकाया | he bowed |
| पद | चरणों में | at her feet |
| सीसा | सिर | his head |
| बोला | बोला | spoke |
| बचन | वचन | these words |
| जोरि | जोड़कर | joining |
| कर | हाथ | his hands |
| कीसा | वानर हनुमान | Hanuman, the monkey |
2 अब कृतकृत्य भयउँ मैं माता। आसिष तव अमोघ बिख्याता।।
English explanation
“Mother, I am now fulfilled; your blessing is renowned as unfailing.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| कृतकृत्य | कृतार्थ | fulfilled |
| भयउँ | हो गया हूँ | have become |
| मैं | मैं | I |
| माता | हे माता | O mother |
| आसिष | आशीर्वाद | blessing |
| तव | आपका | your |
| अमोघ | अचूक | unfailing |
| बिख्याता | प्रसिद्ध है | is renowned |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 730
- सहायक विषय
- हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 730, 730
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।