सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
समुझत जासु दूत कइ करनी। स्त्रवहीं गर्भ रजनीचर धरनी।।
मूल पाठ
समुझत जासु दूत कइ करनी। स्त्रवहीं गर्भ रजनीचर धरनी।।
तासु नारि निज सचिव बोलाई। पठवहु कंत जो चहहु भलाई।।
स्रोत अभिलेख 5.36 · पुस्तक पृ. 747, 747
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिनके दूतकी करनीका विचार करते ही (स्मरण आते ही) राक्षसोंकी स्त्रियोंके गर्भ गिर जाते हैं, हे प्यारे स्वामी! यदि भला चाहते हैं, तो अपने मन्त्रीको बुलाकर उसके साथ उनकी स्त्रीको भेज दीजिये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 747 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 समुझत जासु दूत कइ करनी। स्त्रवहीं गर्भ रजनीचर धरनी।।
English explanation
Merely thinking of his envoy’s deeds causes the demons’ wives to miscarry.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समुझत | विचार करते ही | on thinking of |
| जासु | जिसके, अर्थात राम के | whose, referring to Rama |
| दूत | दूत हनुमान | envoy Hanuman |
| कइ | की | of; belonging to |
| करनी | करतूतें; किए कार्य | deeds; actions |
| स्त्रवहीं | गिर जाते हैं; स्रवित होते हैं | are discharged; miscarry |
| गर्भ | गर्भ | pregnancies; fetuses |
| रजनीचर | राक्षसों की | of the demons |
| धरनी | पत्नियाँ | wives |
2 तासु नारि निज सचिव बोलाई। पठवहु कंत जो चहहु भलाई।।
English explanation
Dear husband, if you wish for well-being, summon your minister and send his wife Sita back.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उसकी, अर्थात राम की | his, referring to Rama |
| नारि | पत्नी सीता को | wife Sita |
| निज | अपने | your own |
| सचिव | सचिव; मंत्री को | minister; counsellor |
| बोलाई | बुलाकर | having summoned |
| पठवहु | भेज दीजिए; वापस भेजिए | send; send back |
| कंत | हे प्रिय पति | dear husband |
| जो | यदि | if |
| चहहु | आप चाहते हैं | you desire |
| भलाई | भलाई; कल्याण | well-being |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 747
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 747, 747
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