सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब कुल कमल बिपिन दुखदाई। सीता सीत निसा सम आई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसीता आपके कुलरूपी कमलोंके वनको दु:ख देनेवाली जाड़ेकी रात्रिके समान आयी है। हे नाथ! सुनिये, सीताको दिये (लौटाये) बिना शम्भु और ब्रह्माके किये भी आपका भला नहीं हो सकता॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 747 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तब कुल कमल बिपिन दुखदाई। सीता सीत निसा सम आई।।
सुनहु नाथ सीता बिनु दीन्हें। हित न तुम्हार संभु अज कीन्हें।।
स्रोत अभिलेख 5.36 · पुस्तक पृ. 747, 747
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तब कुल कमल बिपिन दुखदाई। सीता सीत निसा सम आई।।
English explanation
Sita has come like a cold night, harmful to the lotus-grove of your lineage. (The reading ‘तब’ is uncertain here.)
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | आपका, यदि अभिप्रेत पाठ ‘तव’ है | your, if the intended reading is ‘तव’ |
| कुल | कुल; वंश | lineage |
| कमल | कमल | lotuses |
| बिपिन | वन; समूह | grove; cluster |
| दुखदाई | दुख पहुँचाने वाली | causing suffering; harmful |
| सीता | राम की पत्नी सीता | Sita, Rama’s wife |
| सीत | ठंडी; शीतयुक्त | cold; frosty |
| निसा | रात्रि | night |
| सम | के समान | like |
| आई | आई हैं | has come |
2 सुनहु नाथ सीता बिनु दीन्हें। हित न तुम्हार संभु अज कीन्हें।।
English explanation
Listen, my lord: unless Sita is returned, even efforts by Shiva and Brahma cannot secure your welfare.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनहु | सुनिए | listen |
| नाथ | हे स्वामी; पति | my lord; husband |
| सीता | सीता को | Sita |
| बिनु | बिना | without |
| दीन्हें | दिए; लौटाए | giving back; returning |
| हित | हित; कल्याण | welfare |
| न | नहीं | not |
| तुम्हार | आपका | your |
| संभु | शंभु; शिव | Shiva |
| अज | अज; ब्रह्मा | Brahma, the unborn creator |
| कीन्हें | करने पर भी | even if they undertake it |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 747
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 747, 747
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।