सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सचिव सभीत बिभीषन जाकें। बिजय बिभूति कहाँ जग ताकें।।
मूल पाठ
सचिव सभीत बिभीषन जाकें। बिजय बिभूति कहाँ जग ताकें।।
सुनि खल बचन दूत रिस बाढ़ी। समय बिचारि पत्रिका काढ़ी।।
स्रोत अभिलेख 5.56 · पुस्तक पृ. 764, 765
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिसके विभीषण-जैसा डरपोक मन्त्री हो, उसे जगत्में विजय और विभूति (ऐश्वर्य) कहाँ! दुष्ट रावणके वचन सुनकर दूतको क्रोध बढ़ आया। उसने मौका समझकर पत्रिका निकाली॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 764 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सचिव सभीत बिभीषन जाकें। बिजय बिभूति कहाँ जग ताकें।।
English explanation
How can anyone whose counselor is fearful Vibhishana gain victory and prosperity in the world?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सचिव | मंत्री | counselor |
| सभीत | भयभीत | fearful |
| बिभीषन | विभीषण, रावण का भाई | Vibhishana, Ravana’s brother |
| जाकें | जिसका | whose |
| बिजय | विजय | victory |
| बिभूति | वैभव, समृद्धि | splendor and prosperity |
| कहाँ | कहाँ मिल सकती है | where could there be |
| जग | संसार में | in the world |
| ताकें | उसके लिए | for him |
2 सुनि खल बचन दूत रिस बाढ़ी। समय बिचारि पत्रिका काढ़ी।।
English explanation
Hearing wicked Ravana’s words, the messenger’s anger grew; considering the occasion, he took out the letter.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| खल | दुष्ट रावण के | of wicked Ravana |
| बचन | वचन | words |
| दूत | दूत का | the messenger’s |
| रिस | क्रोध | anger |
| बाढ़ी | बढ़ गया | grew |
| समय | अवसर | the occasion |
| बिचारि | विचारकर | having considered |
| पत्रिका | पत्र | the letter |
| काढ़ी | निकाला | took out |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.56
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 764
- सहायक विषय
- दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना
- मुद्रित पृष्ठ
- 764, 765
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।