सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामानुज दीन्ही यह पाती। नाथ बचाइ जुड़ावहु छाती।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[और कहा—] श्रीरामजीके छोटे भाई लक्ष्मणने यह पत्रिका दी है। हे नाथ! इसे बचवाकर छाती ठंडी कीजिये। रावणने हँसकर उसे बायें हाथसे लिया और मन्त्रीको बुलवाकर वह मूर्ख उसे बँचाने लगा॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 764 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रामानुज दीन्ही यह पाती। नाथ बचाइ जुड़ावहु छाती।।
बिहसि बाम कर लीन्ही रावन। सचिव बोलि सठ लाग बचावन।।
स्रोत अभिलेख 5.56 · पुस्तक पृ. 764, 765
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रामानुज दीन्ही यह पाती। नाथ बचाइ जुड़ावहु छाती।।
English explanation
Rama’s younger brother Lakshmana gave this letter. My lord, have it read and soothe your heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामानुज | राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने | Rama’s younger brother Lakshmana |
| दीन्ही | दी है | gave |
| यह | यह | this |
| पाती | चिट्ठी | letter |
| नाथ | हे स्वामी | my lord |
| बचाइ | पढ़वाकर | having it read |
| जुड़ावहु | शांत कीजिए, ठंडी कीजिए | soothe, cool |
| छाती | छाती, हृदय | your breast, heart |
2 बिहसि बाम कर लीन्ही रावन। सचिव बोलि सठ लाग बचावन।।
English explanation
Laughing, Ravana took the letter in his left hand; the fool summoned a minister and had it read aloud.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिहसि | हँसकर | laughing |
| बाम | बाएँ | left |
| कर | हाथ में | in his hand |
| लीन्ही | ले ली | took it |
| रावन | रावण ने | Ravana |
| सचिव | मंत्री को | a minister |
| बोलि | बुलाकर | having summoned |
| सठ | मूर्ख रावण | the fool, Ravana |
| लाग | लगा | began |
| बचावन | पढ़वाने | to have it read aloud |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.56
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 764
- सहायक विषय
- दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना
- मुद्रित पृष्ठ
- 764, 765
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।