सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भेद हमार लेन सठ आवा। राखिअ बाँधि मोहि अस भावा।।
मूल पाठ
भेद हमार लेन सठ आवा। राखिअ बाँधि मोहि अस भावा।।
सखा नीति तुम्ह नीकि बिचारी। मम पन सरनागत भयहारी।।
स्रोत अभिलेख 5.43 · पुस्तक पृ. 753, 754
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[जान पड़ता है] यह मूर्ख हमारा भेद लेने आया है। इसलिये मुझे तो यही अच्छा लगता है कि इसे बाँध रखा जाय। [श्रीरामजीने कहा—] हे मित्र! तुमने नीति तो अच्छी विचारी। परन्तु मेरा प्रण तो है शरणागतके भयको हर लेना!॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 753 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भेद हमार लेन सठ आवा। राखिअ बाँधि मोहि अस भावा।।
English explanation
‘This rogue has come to learn our secrets. Let him be bound and held—that is what seems right to me.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भेद | गुप्त बातें | secrets |
| हमार | हमारी | our |
| लेन | लेने; जानने के लिए | to obtain; to learn |
| सठ | दुष्ट | rogue |
| आवा | आया है | has come |
| राखिअ | रखा जाए | let him be held |
| बाँधि | बाँधकर | having bound him |
| मोहि | मुझे | to me |
| अस | ऐसा | thus |
| भावा | उचित लगा | seemed right |
2 सखा नीति तुम्ह नीकि बिचारी। मम पन सरनागत भयहारी।।
English explanation
‘Friend, you have considered policy well; but my vow is to remove the fear of anyone who seeks refuge.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सखा | हे मित्र | O friend |
| नीति | नीति; उचित व्यवहार | policy; prudent conduct |
| तुम्ह | तुमने | you |
| नीकि | अच्छी तरह | well |
| बिचारी | विचार किया | considered |
| मम | मेरा | my |
| पन | प्रण | vow |
| सरनागत | शरण में आए हुए का | of one who seeks refuge |
| भयहारी | भय हरने वाला | removing fear |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.43
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 753
- सहायक विषय
- विभीषणका भगवान् श्रीरामजीकी शरणके लिये प्रस्थान और शरणप्राप्ति
- मुद्रित पृष्ठ
- 753, 754
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।