सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिनती करउँ जोरि कर रावन। सुनहु मान तजि मोर सिखावन।।
मूल पाठ
बिनती करउँ जोरि कर रावन। सुनहु मान तजि मोर सिखावन।।
देखहु तुम्ह निज कुलहि बिचारी। भ्रम तजि भजहु भगत भय हारी।।
स्रोत अभिलेख 5.22 · पुस्तक पृ. 734, 735
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे रावण! मैं हाथ जोड़कर तुमसे विनती करता हूँ, तुम अभिमान छोड़कर मेरी सीख सुनो। तुम अपने पवित्र कुलका विचार करके देखो और भ्रमको छोड़कर भक्तभयहारी भगवान्को भजो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 734 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बिनती करउँ जोरि कर रावन। सुनहु मान तजि मोर सिखावन।।
English explanation
Ravana, I appeal to you with folded hands: abandon pride and hear my counsel.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिनती | विनती | an appeal |
| करउँ | करता हूँ | I make |
| जोरि | जोड़कर | joining |
| कर | हाथ | hands |
| रावन | हे रावण | O Ravana |
| सुनहु | सुनो | listen to |
| मान | अभिमान | pride |
| तजि | छोड़कर | abandoning |
| मोर | मेरी | my |
| सिखावन | सीख | counsel |
2 देखहु तुम्ह निज कुलहि बिचारी। भ्रम तजि भजहु भगत भय हारी।।
English explanation
Reflect upon your own lineage; abandon delusion and worship the Lord who removes his devotees’ fear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखहु | देखो; ध्यान दो | consider |
| तुम्ह | तुम | you |
| निज | अपने | your own |
| कुलहि | कुल को | lineage |
| बिचारी | विचार करके | having reflected on |
| भ्रम | भ्रम | delusion |
| तजि | छोड़कर | abandoning |
| भजहु | भजो | worship |
| भगत | भक्तों का | devotees’ |
| भय | भय | fear |
| हारी | हरने वाले प्रभु | the Lord who removes |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 734
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 734, 735
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