सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जिन्ह मोहि मारा ते मैं मारे। तेहि पर बाँधेउ तनयँ तुम्हारे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतब जिन्होंने मुझे मारा, उनको मैंने भी मारा। उसपर तुम्हारे पुत्रने मुझको बाँध लिया। [किन्तु] मुझे अपने बाँधे जानेकी कुछ भी लज्जा नहीं है। मैं तो अपने प्रभुका कार्य किया चाहता हूँ॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 734 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जिन्ह मोहि मारा ते मैं मारे। तेहि पर बाँधेउ तनयँ तुम्हारे।।
मोहि न कछु बाँधे कइ लाजा। कीन्ह चहउँ निज प्रभु कर काजा।।
स्रोत अभिलेख 5.22 · पुस्तक पृ. 734, 735
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जिन्ह मोहि मारा ते मैं मारे। तेहि पर बाँधेउ तनयँ तुम्हारे।।
English explanation
I struck those who struck me; then your son bound me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्ह | जिन्होंने | those who |
| मोहि | मुझे | me |
| मारा | मारा | struck |
| ते | उन्हें | them |
| मैं | मैंने | I |
| मारे | मारा | struck |
| तेहि | उस | that |
| पर | पर; उसके बाद | upon; after |
| बाँधेउ | बाँध लिया | bound me |
| तनयँ | पुत्र ने | son |
| तुम्हारे | तुम्हारे | your |
2 मोहि न कछु बाँधे कइ लाजा। कीन्ह चहउँ निज प्रभु कर काजा।।
English explanation
I feel no shame at being bound; I wish to carry out my lord’s work.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मुझे | to me |
| न | नहीं | not |
| कछु | कुछ भी | any |
| बाँधे | बाँधे जाने | being bound |
| कइ | की | of |
| लाजा | लाज | shame |
| कीन्ह | करना | to do |
| चहउँ | चाहता हूँ | I wish |
| निज | अपने | my own |
| प्रभु | प्रभु राम | lord Rama |
| कर | का | of |
| काजा | कार्य | work |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 734
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 734, 735
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।