सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
खायउँ फल प्रभु लागी भूँखा। कपि सुभाव तें तोरेउँ रूखा।।
मूल पाठ
खायउँ फल प्रभु लागी भूँखा। कपि सुभाव तें तोरेउँ रूखा।।
सब कें देह परम प्रिय स्वामी। मारहिं मोहि कुमारग गामी।।
स्रोत अभिलेख 5.22 · पुस्तक पृ. 734, 735
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे [राक्षसोंके] स्वामी! मुझे भूख लगी थी, (इसलिये) मैंने फल खाये और वानर-स्वभावके कारण वृक्ष तोड़े। हे (निशाचरोंके) मालिक! देह सबको परम प्रिय है। कुमार्गपर चलनेवाले (दुष्ट) राक्षस जब मुझे मारने लगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 734 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 खायउँ फल प्रभु लागी भूँखा। कपि सुभाव तें तोरेउँ रूखा।।
English explanation
My lord, I ate fruit because I was hungry; owing to my monkey nature, I broke trees.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| खायउँ | मैंने खाए | I ate |
| फल | फल | fruit |
| प्रभु | हे स्वामी | my lord |
| लागी | लगी | arose |
| भूँखा | भूख | hunger |
| कपि | वानर का | a monkey’s |
| सुभाव | स्वभाव | nature |
| तें | के कारण | because of |
| तोरेउँ | मैंने तोड़े | I broke |
| रूखा | पेड़ | trees |
2 सब कें देह परम प्रिय स्वामी। मारहिं मोहि कुमारग गामी।।
English explanation
My lord, everyone holds their body very dear; these evildoers struck me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सबको | everyone |
| कें | को | to |
| देह | शरीर | body |
| परम | अत्यंत | exceedingly |
| प्रिय | प्रिय | dear |
| स्वामी | हे स्वामी | my lord |
| मारहिं | मारते हैं | strike |
| मोहि | मुझे | me |
| कुमारग | बुरे रास्ते पर | on an evil path |
| गामी | चलने वाले | those who follow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 734
- सहायक विषय
- हनुमान्-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 734, 735
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।