सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रभु पद पंकज नावहिं सीसा। गरजहिं भालु महाबल कीसा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवे प्रभुके चरणकमलोंमें सिर नवाते हैं। महान् बलवान् रीछ और वानर गरज रहे हैं। श्रीरामजीने वानरोंकी सारी सेना देखी। तब कमलनेत्रोंसे कृपापूर्वक उनकी ओर दृष्टि डाली॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 745 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
प्रभु पद पंकज नावहिं सीसा। गरजहिं भालु महाबल कीसा।।
देखी राम सकल कपि सेना। चितइ कृपा करि राजिव नैना।।
स्रोत अभिलेख 5.35 · पुस्तक पृ. 745, 746
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 प्रभु पद पंकज नावहिं सीसा। गरजहिं भालु महाबल कीसा।।
English explanation
AI draft: They bow their heads at the Lord’s lotus feet; the bears and mighty monkeys roar.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम के | of Lord Rama |
| पद | चरण | feet |
| पंकज | कमल | lotuses |
| नावहिं | झुकाते हैं | bow |
| सीसा | सिर | their heads |
| गरजहिं | गरजते हैं | roar |
| भालु | भालू | bears |
| महाबल | अत्यंत बलवान | immensely strong |
| कीसा | वानर | monkeys |
2 देखी राम सकल कपि सेना। चितइ कृपा करि राजिव नैना।।
English explanation
Rama saw the entire monkey army and looked upon it graciously with his lotus-like eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखी | देखी | saw |
| राम | राम ने | Rama |
| सकल | सारी | entire |
| कपि | वानरों की | of monkeys |
| सेना | सेना | army |
| चितइ | दृष्टि डाली | looked upon |
| कृपा | कृपा | grace |
| करि | करके | showing |
| राजिव | कमल जैसे | lotus-like |
| नैना | नेत्रों से | with his eyes |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 745
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका वानरोंकी सेनाके साथ चलकर समुद्रतटपर पहुँचना
- मुद्रित पृष्ठ
- 745, 746
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।