सुन्दरकाण्ड · दोहा 34 · दोहा/सोरठा
कपिपति बेगि बोलाए आए जूथप जूथ।
कपिपति बेगि बोलाए आए जूथप जूथ।
नाना बरन अतुल बल बानर भालु बरूथ।।34।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 5.34 · पुस्तक पृ. 744, 745
भावार्थ और शब्दार्थ
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1कपिपति बेगि बोलाए आए जूथप जूथ।
वानरराज सुग्रीव ने शीघ्र बुलावा भेजा; दलों के नायक और उनके दल आ गए।
English explanation
Sugriva, king of the monkeys, quickly summoned them; troop leaders and their troops arrived.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपिपति | वानरराज सुग्रीव ने | Sugriva, king of the monkeys |
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| बोलाए | बुलाया | summoned |
| आए | आ गए | arrived |
| जूथप | दल-नायक | troop leaders |
| जूथ | दल | troops |
2 नाना बरन अतुल बल बानर भालु बरूथ।।34।।
वे अनेक रंगों वाले और अतुलनीय बल से संपन्न वानरों तथा भालुओं के दल थे।
English explanation
They were troops of monkeys and bears of many colors and incomparable strength.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाना | अनेक प्रकार के | many kinds of |
| बरन | रंग | colors |
| अतुल | अतुलनीय | incomparable |
| बल | बल वाले | in strength |
| बानर | वानर | monkeys |
| भालु | भालू | bears |
| बरूथ | दल; समूह | troops; bands |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 34
- स्रोत अभिलेख
- 5.34
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 744, 745
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