सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम कृपा बल पाइ कपिंदा। भए पच्छजुत मनहुँ गिरिंदा।।
मूल पाठ
राम कृपा बल पाइ कपिंदा। भए पच्छजुत मनहुँ गिरिंदा।।
हरषि राम तब कीन्ह पयाना। सगुन भए सुंदर सुभ नाना।।
स्रोत अभिलेख 5.35 · पुस्तक पृ. 745, 746
भावार्थ
मूल पाठ के बादरामकृपाका बल पाकर श्रेष्ठ वानर मानो पंखवाले बड़े पर्वत हो गये। तब श्रीरामजीने हॢषत होकर प्रस्थान (कूच) किया। अनेक सुन्दर और शुभ शकुन हुए॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 745 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम कृपा बल पाइ कपिंदा। भए पच्छजुत मनहुँ गिरिंदा।।
English explanation
Gaining strength through Rama’s grace, the monkey chiefs became like great mountains equipped with wings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम की | Rama’s |
| कृपा | कृपा से | through grace |
| बल | बल | strength |
| पाइ | पाकर | having gained |
| कपिंदा | वानर-श्रेष्ठ | monkey chiefs |
| भए | हो गए | became |
| पच्छजुत | पंखों से युक्त | equipped with wings |
| मनहुँ | मानो | as though |
| गिरिंदा | विशाल पर्वत | great mountains |
2 हरषि राम तब कीन्ह पयाना। सगुन भए सुंदर सुभ नाना।।
English explanation
Then Rama set out joyfully, and many beautiful, auspicious omens appeared.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरषि | प्रसन्न होकर | rejoicing |
| राम | राम ने | Rama |
| तब | तब | then |
| कीन्ह | किया | made |
| पयाना | प्रस्थान | his departure |
| सगुन | शुभ शकुन | auspicious omens |
| भए | हुए | occurred |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| नाना | अनेक प्रकार के | of many kinds |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 745
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका वानरोंकी सेनाके साथ चलकर समुद्रतटपर पहुँचना
- मुद्रित पृष्ठ
- 745, 746
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।